शुक्रवार, 4 सितंबर
यहोवा कपटी लोगों से नफरत करता है, मगर सीधे-सच्चे लोगों से गहरी दोस्ती रखता है।—नीति. 3:32.
दिल में सच बोलना कितना ज़रूरी है, यह हम बाइबल के एक किस्से से अच्छी तरह समझ सकते हैं। जब फिलिप्पुस अपने दोस्त नतनएल को यीशु के पास लाया, तो यीशु ने उसके बारे में एक बहुत ही अनोखी बात कही। यीशु पहले कभी नतनएल से नहीं मिला था, फिर भी उसने उसके बारे में कहा, “देखो, यह एक सच्चा इसराएली है जिसमें कोई कपट नहीं।” (यूह. 1:47) यीशु ने नतनएल में कुछ खास देखा। नतनएल भी हमारी तरह अपरिपूर्ण था, लेकिन यीशु ने गौर किया कि उसमें कोई दिखावा नहीं है, वह बाहर से जैसा है, अंदर से भी वैसा ही है। यीशु को उसकी यह बात बहुत पसंद आयी, इसलिए उसने उसकी तारीफ की। भजन 15 में बताया गया है कि यहोवा को खुश करने के लिए हमें क्या-क्या करना होगा। उनमें से ज़्यादातर बातें इस बारे में हैं कि यहोवा के दोस्तों को दूसरों के साथ कैसे पेश आना चाहिए। इसकी आयत 3 में लिखा है कि जो व्यक्ति यहोवा के तंबू में मेहमान बनकर रहना चाहता है, “वह अपनी ज़बान से दूसरों को बदनाम नहीं करता, अपने पड़ोसी का कुछ बुरा नहीं करता, न ही अपने दोस्तों का नाम खराब करता है।” अगर हम सोच-समझकर बात ना करें, तो इसके बहुत बुरे अंजाम हो सकते हैं। हम दूसरों को नुकसान पहुँचा सकते हैं।—याकू. 1:26. प्र24.06 पेज 10 पै 7; पेज 11 पै 9-10
शनिवार, 5 सितंबर
प्रभु, तेरा नाम लेने से दुष्ट स्वर्गदूत भी हमारे अधीन हो रहे हैं।—लूका 10:17.
अगर आप प्रचार के लिए अच्छे-से तैयारी करेंगे, तो आप लोगों से आराम से बात कर पाएँगे और घबराएँगे नहीं। यीशु ने भी अपने चेलों को प्रचार में भेजने से पहले कुछ बातें बतायी थीं। उसने उन्हें सिखाया था कि उन्हें क्या कहना है और क्या करना है। (लूका 10:1-11) और जब चेलों ने ये बातें मानीं, तो उन्हें अच्छे नतीजे मिले और बहुत खुशी हुई। हम भी प्रचार के लिए अच्छे-से तैयारी कर सकते हैं। हम पहले से सोच सकते हैं कि हम लोगों से किस बारे में बात करेंगे और उन्हें कैसे अपनी बात समझाएँगे। हम इस बारे में भी सोच सकते हैं कि हमारी बात सुनकर लोग क्या-क्या कह सकते हैं और हम उन्हें क्या जवाब देंगे। यह सब तैयारी करने के बाद जब आप प्रचार में जाते हैं, तो घबराइए मत। मुस्कुराइए और आराम से बात कीजिए। प्र24.04 पेज 15-16 पै 6-7
रविवार, 6 सितंबर
हे यहोवा, हमारे परमेश्वर, तू महिमा, आदर और शक्ति पाने के योग्य है क्योंकि तू ही ने सारी चीज़ें रची हैं।—प्रका. 4:11.
खुशखबरी सुनाने की सबसे बड़ी वजह है कि हमें यहोवा परमेश्वर से और उसके पवित्र नाम से बेइंतिहा प्यार है। प्रचार करके हम दिखाते हैं कि हम अपने परमेश्वर से बहुत प्यार करते हैं और उसकी तारीफ करना चाहते हैं। हम मानते हैं कि यहोवा अपने सेवकों से महिमा, आदर और शक्ति पाने के योग्य है। जब हम लोगों को इस बात के सबूत देते हैं कि परमेश्वर ने “सारी चीज़ें रची हैं” और हम उसी की वजह से वजूद में हैं, तो हम यहोवा को “आदर” और “महिमा” दे रहे होते हैं। और जब हम अपना समय, ताकत और पैसा प्रचार काम में लगाते हैं और हमसे जितना हो सकता है उतना प्रचार करते हैं, तो हम उसके लिए अपनी “शक्ति” या ताकत लगा रहे होते हैं। (मत्ती 6:33; लूका 13:24; कुलु. 3:23) सीधे-सीधे कहें, तो हम अपने परमेश्वर से प्यार करते हैं और उसके बारे में दूसरों को बताना हमें बहुत अच्छा लगता है। हम लोगों को यह भी बताते हैं कि परमेश्वर का नाम क्या है और वह कैसा परमेश्वर है। प्र24.05 पेज 17 पै 11